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Tag Archives: kundali

उपवास क्यों ?

उपवास का व्यावहारिक अर्थ है – अन्न ग्रहण न करना या उपवास के पदार्थ खाना|उपवास में आलस्य,निद्रा,एंव पित्त विकार आदि का उद्भव न हो;इसलिए कम अन्न भक्षण करना आवश्यक रहता है|इसके लिए धर्म शास्त्र ने हविष्य पदार्थों की सूचि भी बनायीं है|उपवास अच्छी तरह हो,ऐसी इच्छा होने पर दिन भर …

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प्रदोष व्रत क्यों किया जाता है?

प्रदोष शिव व्रत है,प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद प्रारम्भ होता है|इसमें उस कालावधि तक उपवास रखकर शिव पूजा करके उपवास समाप्त किया जाता है|प्रदोष व्रत के चार प्रकार हैं – शनिवार को आने वाले प्रदोष ‘शनि प्रदोष’के नाम से जाना जाता है|उत्तम गुण संपन्न पुत्र प्राप्ति की कामना से शनि …

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कालसर्प योग की शांति शिवपूजन से करें?

कालसर्प एक ऐसा योग है,जिसमे व्यक्ति जहा से चलता है,लौटकर वहीँ आ जाता है|कारोबार या नौकरी में व्यक्ति हजारों-लाखों कमाता है,और एक ही दिन में उसका कमाया धन नष्ट हो जाता है|तात्पर्य यह है कि यह वो योग है,जो सांप-सीढी के खेल में 99 आने पर सर्प काट लेता है …

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संकट निवारण महामृत्युंजय मन्त्र से क्यों ?

प्राचीन ग्रंथों में भगवन शिव को प्रसन्न करने,अकालमृत्यु से बचने तथा असाध्य रोगों से मुक्त होने के लिए भगवन शिव के महामृत्युंजय मन्त्र के जाप का उल्लेख किया गया है|इस जप के प्रभाव से व्यक्ति मौत के मुह में जाने से भी बच जाता है|   यदि मारक गृह-दशाओं के …

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14/15 जनवरी को हैं,मकर संक्रांति क्या करे अपनी राशि के अनुसार दान?

मकर संक्रांति दान, उपाय और फल पढ़ें राशि अनुसार… 14/15 जनवरी को मकर संक्रांति, क्या जीवन में लाएगी शांति? 15 जनवरी को मकर संक्रांति है। आइए जानते हैं इस दिन अपनी राशि के अनुसार क्या दान करें कि हर तरह से शुभता मिले। 1. मेष- जल में पीले पुष्प, हल्दी, …

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मोक्षदा एकादशी का व्रत

अगहन शुक्ल पक्ष एकादशी दत्त जयंती तथा ‘मोक्षता’ एकादशी के नाम से प्रसिद्ध है|इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने माहाभारत युद्ध प्रारंभ होने के पूर्व मोहित हुए अर्जुन को श्रीमद भगवद्गीता का उपदेश दिया था|इस दिन श्री कृष्ण व गीता की पूजा आरती करके,उसका पाठ करना चाहिए|गीता में भगवान श्री …

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उत्पन्ना एकादशी का महत्व और कथा

यह व्रत माघशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष में किया जाता है|इस दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा का विधान है|व्रत रखने वालों को दशमी के दिन-रात में भोजन नहीं करना चाहिए|एकादशी के दिन ब्रह्म बेला में भगवान की पुष्प,जल,धूप,अक्षत से पूजन करके निराजना करनी चाहिए|इस व्रत में केवल फलों का …

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जो कुम्भ या माघ में प्रयागराज न जा सके,वे पुण्यलाभ कैसे करें ?

जो प्रयागराज न जा सके,वे पुण्यलाभ कैसे करें ? जो श्रद्धालु लोग प्रयाग न जा सके तो वे केवल माघ मास में अथवा केवल इस अर्धकुम्भ पर्व के दिन किसी भी समीपस्थ महानदी के संगम पर;वहां भी न जा सके तो किसी महानदी में;वहां भी न पहुँच सकें तो किसी …

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सोमवती अमावश्या पर करे पितृदोष, का अकाट्य उपाय- पं.गजानन शास्त्री

स्कंद पुराण के अनुसार रविवार के दिन बिल्ववृक्ष का पूजन करना चाहिए। इससे ब्रह्महत्या आदि महापाप भी नष्ट हो जाते हैं। 🌷 सोमवती अमावस्याः दरिद्रता निवारण 🌷 ➡ 16 अप्रैल 2018 सोमवार को सूर्योदय से सोमवती अमावस्या है । 🙏🏻 सोमवती अमावस्या के पर्व में स्नान-दान का बड़ा महत्त्व है। …

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मांग में सिन्दूर भरना सुहाग की निशानी क्यों?

मांग में सिन्दूर भरना सुहाग की निशानी क्यों? विवाह के अवसर पर एक संस्कार के रूप में वधू की मांग में वर सिन्दूर भरता है| इसे ही सुमंगली क्रिया कहते है| इसके पश्चात् विवाहित स्त्री अपने पति की दीर्घायु की कामना करते हुए जीवन भर मांग में सिन्दूर लगाए रखती …

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