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काल सर्प योग क्या है?

काल सर्प दोष विवाद का विषय है|इस योग के दुष्परिणाम एंव उनके अतिशयोक्ति पूर्ण वर्णन की अनदेखी किये जाने पर भी एक बात निर्विवाद रूप से माननी पड़ती है की इस योग में निश्चित रूप से तथ्यांश है|इसका कारण यह है कि कालसर्प योग में जन्मे व्यक्ति का कोई न …

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गायत्री मन्त्र की महिमा क्यों?

मन्त्रों में गायत्री मन्त्र को विशेष प्रभावशाली माना गया है|वैसे भी गायत्री मन्त्र अन्य मन्त्रों की तुलना में सबसे अधिक प्रचलित रहा है और इसके प्रति मानव की अगाध श्रद्धा भी रही है –भूर्भुव स्वः|तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गों देवस्य धीमहि|धियो यो नः प्रचोदयात्| इस मन्त्र की महिमा असीम है|समय-समय पर हमारे ऋषि-मुनि,तपस्वी,गुरु …

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संकट निवारण महामृत्युंजय मन्त्र से क्यों ?

प्राचीन ग्रंथों में भगवन शिव को प्रसन्न करने,अकालमृत्यु से बचने तथा असाध्य रोगों से मुक्त होने के लिए भगवन शिव के महामृत्युंजय मन्त्र के जाप का उल्लेख किया गया है|इस जप के प्रभाव से व्यक्ति मौत के मुह में जाने से भी बच जाता है|   यदि मारक गृह-दशाओं के …

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मोक्षदा एकादशी का व्रत

अगहन शुक्ल पक्ष एकादशी दत्त जयंती तथा ‘मोक्षता’ एकादशी के नाम से प्रसिद्ध है|इसी दिन भगवान श्री कृष्ण ने माहाभारत युद्ध प्रारंभ होने के पूर्व मोहित हुए अर्जुन को श्रीमद भगवद्गीता का उपदेश दिया था|इस दिन श्री कृष्ण व गीता की पूजा आरती करके,उसका पाठ करना चाहिए|गीता में भगवान श्री …

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उत्पन्ना एकादशी का महत्व और कथा

यह व्रत माघशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष में किया जाता है|इस दिन भगवान श्री कृष्ण की पूजा का विधान है|व्रत रखने वालों को दशमी के दिन-रात में भोजन नहीं करना चाहिए|एकादशी के दिन ब्रह्म बेला में भगवान की पुष्प,जल,धूप,अक्षत से पूजन करके निराजना करनी चाहिए|इस व्रत में केवल फलों का …

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बैकुण्ठ चतुर्दशी

कार्तिक शुक्ल पक्ष चतुर्दशी को यह व्रत मनाया जाता है|इस तिथि को बैकुण्ठवासी भगवान विष्णु की विधि-व्रत पूजा करके तथा स्नान आचमन कराके बाल भोग लगावें|तत्पश्चात् प्रसन्न मन से पुष्प,दीप,चन्दन,आदि सुगन्धित पदार्थों से आरती करें| व्रत की कथा  एक बार नारद जी    मृत्युलोक घूमकर बैकुण्ठ पहुंचे|भगवान विष्णु ने प्रसन्नतापूर्वक …

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कब है देवउठनी एकादशी?जानिए इसका महत्व,पूजा विधि एवम् कथा|

कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को हरिप्रबोधिनी एकादशी, देवोत्थान एकादशी या देवउठनी एकादशी कहा जाता है|इस दिन को तुलसी विवाह के रूप में भी माना जाता है|ऐसा कहा जाता है कि भाद्रपद की एकादशी को भगवान विष्णु ने शंखासुर नामक राक्षस को मारकर भारी थकावट से शयन कर कार्तिक शुक्ल …

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आंवला नवमी पर करे- धन लक्ष्मी व सम्पदा प्राप्ति और पितरो को प्रसन्न करने के दश उपाय!

आंवला नवमी आंवला नवमी कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की नवमी को मनाई जाती है, इसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है। आंवला नवमी का त्योहार इस साल 5 नवंबर 2019, मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन महिलाएं आंवला के पेड़ के नीचे बैठकर संतान की प्राप्ति व उसकी रक्षा …

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आंवला नवमी

यह व्रत कार्तिक शुक्ल पक्ष नवमी को,आंवला नवमी नाम से विख्यात है|सतयुग का प्रारम्भ भी इसी दिन हुआ था|इसी तिथि को गौ,सुवर्ण वस्त्र आदि दान देने से ब्रह्म हत्या जैसे महापातक से भी छुटकारा मिल जाता है|इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा की जाती है|पूजन विधान में प्रातः स्नान …

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गोपाष्टमी;(इस दिन क्यों की जाती है गाय की पूजा ?)

कार्तिक शुक्ल पक्ष की अष्टमी की गोपाष्टमी नाम से पुकारा जाता है|इस तिथि में गायों को स्नान कराके बछड़े सहित उनकी विधिवत पूजा करनी चाहिए|जल,अक्षत,रोली,गुड़,जलेबी,वस्त्र तथा धूप-दीप से आरती उतार कर परिक्रमा करनी चाहिए|इसके पश्चात भोजन करना चाहिए|सांयकाल जब गायें चरकर घर लौटें,तब साष्टांग प्रणाम पूजन कर उसकी चरणरज का …

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