अक्षपाद महर्षि गौतम वेद विद्यालय नोखा के तत्वावधान में आयोजित श्रावणी उपाकर्म एवम उपनयन संस्कार महोत्सव सोमवार को विधि विधान और धूम धाम से कोलायत जी के पंचमंदिर प्रांगण में गायत्री मंत्र देने के साथ ही सम्पन्न हुआ , प्राचार्य गजानंद जी शास्त्री ने बताया कि यज्ञोपवीत धारण करने के बाद ही मनुष्य को वेद अध्ययन का अधिकार प्राप्त होता है और जनेऊ धारण करने वाले सभी लोगों को साल में एकबार उपाकर्म करना आवश्यक होता है जिसके करने से कायिक वाचिक मानसिक समस्त पापों का नाश होता है उपाकर्म में हेमाद्री संकल्प,दशविध स्नान,मध्यान्ह संध्या और तर्पण ऋषि पूजन,हवन विशेष होता है । कार्यक्रम में जसवंत शास्त्री, श्यामसुन्दर पारीक, वासुदेव ओझा,मधुसुदन पंचारिया, कमल पंचारिया,प्रकाश बच्छ, जेपी पारीक, पुरुषोत्तम, तरुण, जितेंद्र ,नंद किशोर, घनश्याम,गोपाल,मुकेश,पुखराज,शिव सारस्वत आदि विद्वान उपस्थित रहे।

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