कपिल सरोवर तट पर गूंजे वेद मंत्र, 251 ब्राह्मणों ने किया श्रावणी उपाकर्म21 बटुकों ने धारण किया यज्ञोपवीत, अक्षपाद महर्षि गौतम वेद विद्यालय नोखा के तत्वावधान में हुआ भव्य आयोजनकोलायत। श्रावण शुक्ल पूर्णिमा के पावन अवसर पर अक्षपाद महर्षि गौतम वेद विद्यालय, नोखा के तत्वावधान में शुक्रवार को कपिल सरोवर के मुख्य घाट पर श्रावणी उपाकर्म एवं उपनयन संस्कार महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया।

वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ हुए आयोजन में बड़ी संख्या में ब्राह्मणों, बटुकों एवं श्रद्धालुओं ने भाग लिया।कार्यक्रम में 251 ब्राह्मणों ने विधि-विधानपूर्वक श्रावणी उपाकर्म संपन्न किया, वहीं 21 बटुकों का उपनयन संस्कार करवाकर उन्हें यज्ञोपवीत धारण कराया गया। आचार्यों एवं विद्वान पंडितों के सान्निध्य में स्नान, संकल्प, तर्पण, ऋषि पूजन एवं यज्ञोपवीत परिवर्तन सहित विभिन्न वैदिक क्रियाएं संपन्न करवाई गईं।

कपिल सरोवर के पावन तट पर सुबह से ही वेद मंत्रों की गूंज से वातावरण आध्यात्मिक एवं संस्कारमय बना रहा।इस अवसर पर संस्था प्रधान गजानन शास्त्री ने श्रावणी उपाकर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रावणी उपाकर्म केवल यज्ञोपवीत परिवर्तन का पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, ऋषि स्मरण, वेदाध्ययन तथा अपने धार्मिक कर्तव्यों के प्रति पुनः संकल्प लेने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को वैदिक संस्कृति, संस्कारों एवं सनातन परंपराओं से जोड़ना वर्तमान समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में श्याम सुंदर शास्त्री, जसवंत शास्त्री, कमल किशोर शास्त्री, मधुसूदन शास्त्री, वासुदेव शास्त्री, महावीर शास्त्री,प्रकाश शास्त्री ,राजकुमार शास्त्री, जितेंद्र शास्त्री, प्रह्लाद शास्त्री, जे.पी. शास्त्री, दिलीप शास्त्री, घनश्याम शास्त्री, कन्हैयालाल शास्त्री, पुरुषोत्तम शास्त्री, धनराज शास्त्री, कैलाश शास्त्री, तरुण शास्त्री, हरि शास्त्री, भिंवराज शास्त्री एवं शिवरतन शास्त्री महेश शास्त्री मुकेश शास्त्री सहित अनेक विद्वान उपस्थित रहे।
आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं ने वैदिक परंपरा के इस भव्य एवं संस्कारमय कार्यक्रम की सराहना की। आयोजन ने कोलायत की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को नई ऊर्जा प्रदान की।
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